वेद सनातन धर्म के सबसे प्राचीन और पवित्र ग्रंथ हैं।
इन्हें ईश्वर द्वारा ऋषियों को प्रदत्त दिव्य ज्ञान माना जाता है।
वेदों में जीवन, प्रकृति, धर्म, कर्म, यज्ञ और ब्रह्मांड का गूढ़ ज्ञान समाहित है।
ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन है। इसमें देवताओं की स्तुति के लिए रचित मंत्रों और सूक्तों का संग्रह है।
यजुर्वेद में यज्ञ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की विधियाँ दी गई हैं। यह वेद कर्मकांड का आधार माना जाता है।
सामवेद को संगीत का वेद कहा जाता है। इसके अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं, लेकिन उन्हें गायन और सुरों में प्रस्तुत किया गया है।
अथर्ववेद सामान्य जन-जीवन से जुड़ा हुआ वेद है। इसमें परिवार, समाज, स्वास्थ्य और मानसिक शांति से संबंधित मंत्र हैं।