पुराण सनातन धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं, जो सृष्टि, देवताओं, ऋषियों, अवतारों और जीवन मूल्यों की कथाएँ प्रस्तुत करते हैं। पुराणों का उद्देश्य धर्म,भक्ति और जीवन के आदर्श को जन-जन तक पहुँचाना है। “पुराणों का अध्ययन जीवन को सही मार्ग पर ले जाता है।”
पुराण न केवल धार्मिक ग्रंथ हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक शिक्षा का स्रोत हैं। पुराणों में वर्णित कथाएँ मनुष्य को नैतिकता, धर्मपालन और भक्ति का मार्ग दिखाती हैं।
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आज के आधुनिक जीवन में भी पुराणों की कथाएँ हमें नैतिक निर्णय, परिवार और समाज के प्रति कर्तव्य और आध्यात्मिक जीवन की दिशा सिखाती हैं। पुराण सिखाते हैं कि— भक्ति, ज्ञान और कर्म का संतुलन जीवन को पूर्ण बनाता है।
पुराण केवल धार्मिक कथाएँ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले शाश्वत ग्रंथ हैं। पुराणों का अध्ययन करें, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलें।
सनातन धर्म के ये सभी ग्रंथ मानव जीवन को शुद्ध, संतुलित और दिव्य बनाने का मार्ग दिखाते हैं।