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पुराण

पुराण – कथाओं के माध्यम से धर्म और आध्यात्म का ज्ञान

पुराण क्या हैं?

पुराण सनातन धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं, जो सृष्टि, देवताओं, ऋषियों, अवतारों और जीवन मूल्यों की कथाएँ प्रस्तुत करते हैं। पुराणों का उद्देश्य धर्म,भक्ति और जीवन के आदर्श को जन-जन तक पहुँचाना है। “पुराणों का अध्ययन जीवन को सही मार्ग पर ले जाता है।”

पुराणों का महत्व

पुराण न केवल धार्मिक ग्रंथ हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक शिक्षा का स्रोत हैं। पुराणों में वर्णित कथाएँ मनुष्य को नैतिकता, धर्मपालन और भक्ति का मार्ग दिखाती हैं।

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प्रमुख पुराण

विष्णु पुराण

भगवान विष्णु के अवतार और उनके कार्यों का विवरण। सृष्टि और पालन के नियम बताते हैं।

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शिव पुराण

भगवान शिव, उनकी लीला और भक्ति का महत्व। योग और ध्यान का मार्ग भी समझाते हैं।

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भागवत पुराण

श्रीकृष्ण के जीवन, लीलाओं और भक्ति का विस्तृत विवरण। भक्ति मार्ग का सर्वोत्तम ग्रंथ माना जाता है।

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ब्राह्म पुराण

सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्मा और उनके नियम। ज्ञान और उपदेश का स्रोत।

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गरुड़ पुराण

मृत्यु, पुनर्जन्म और धर्म के फल की जानकारी। आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा देता है।

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पद्म पुराण

धर्म, यज्ञ, तीर्थ और समाजिक नियमों का विवरण।

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स्कंद पुराण

माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की कथाएँ। धार्मिक नियम और भक्ति का संदेश।

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पुराण और आधुनिक जीवन

आज के आधुनिक जीवन में भी पुराणों की कथाएँ हमें नैतिक निर्णय, परिवार और समाज के प्रति कर्तव्य और आध्यात्मिक जीवन की दिशा सिखाती हैं। पुराण सिखाते हैं कि— भक्ति, ज्ञान और कर्म का संतुलन जीवन को पूर्ण बनाता है।

पुराणों का उद्देश्य
  • जीवन में धर्म का मार्ग दिखाना
  • भक्ति और संयम का महत्व बताना
  • समाज में नैतिकता और मूल्य स्थापित करना
  • सरल कथाओं के माध्यम से गहन आध्यात्मिक शिक्षा देना
पुराण

पुराण के प्रमुख उपदेश

पुराण केवल धार्मिक कथाएँ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले शाश्वत ग्रंथ हैं। पुराणों का अध्ययन करें, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलें।

सनातन धर्म के ये सभी ग्रंथ मानव जीवन को शुद्ध, संतुलित और दिव्य बनाने का मार्ग दिखाते हैं।